The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

एहसास और अल्फाज

बहुत समझाया था एहसासो को,
मत मिलो अल्फाजों से बिगड़ जाओगे

जब तक तन्हा हो महफूज हो तुम
अल्फाज बन गए तो रोड पर आ जाओगे

मेरे निजी हो तो चहकते रहते हो ख्यालों में सारा दिन
महफिल ए आम हो गए तो ये प्यार कहां पाओगे

कोई तोड़ेगा, मुंह मोड़ेगा, हसेगा तुम पर
एक वाह के लिए बार बार दोहराए जाओगे

अल्फाज परवाना है शमा ए शायरी का

शोहरत के जुनून में हर बार जलाये जाओगे

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