The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

किसके लिए?

जानता था गलती कर रहा हूं
ना करता तो ना करता किसके लिए?
कुछ तो मकसद तेरे आने का भी होगा
हमे तो बताओ आए थे जिसके लिए

वो ना आए खिड़की पर एक बार भी
थकती रही साइकिल हमारी जिसके लिए
ढूंढ लेते थे उत्तर का रास्ता दक्षिण से भी
उड़ाते रहे कागच के रॉकेट जिसके लिए

लानत दे रहा था वो जाते जाते
अब न देता तो बचाता बताओ किसके लिए
इबादत करना अब उसे मंजूर नहीं
वो करे तो क्यों करे और करे किसके लिए
छोड़ दी शराब हमने पीनी अब
गम डुबाते तो क्यूं डुबाते और बताओ किसके लिए

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