The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

तुम्हे रुकना ग्वारा नही था

तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थी
तुम्हे रुकना ग्वारा नही था
तुम्हारे साथ था तो सब अच्छा था
मैं भी तब तक आवारा नहीं था
कवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमने
क्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं था
मज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुम
हमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं था
खेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए है
हमारे ख्याल में भी कुछ हमारा नहीं था
वो घर से निकलना किताबों के बहाने
उन बहानों का भी ठिकाना नहीं था
तुम्हारी मर्जी कह कर अपनी चलाना
वो अंदाज गुफ्तगू भी तो हमारा नही था

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