The NavRas of Life

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पिता – तस्वीर बन गए हो मेरी तकदीर बनाने वाले

तस्वीर बन गए हो मेरी तकदीर बनाने वाले
टूकर टूकर देखते हो बिन बात के फोन में रम जाने वाले

खोया नही मेरा टुकड़ा की मैं ढूंढ पाऊं जिसे
मैं खुद उनका टुकड़ा हूं कहां से लाऊं मुझे ढूंढ लाने वाले

छत उड़ी हो जैसे अब धूप बिजली बारिश सब लगती है
अचानक कहां गए आशीषो का छप्पर बनाने वाले

ईश्वर अल्लाह रब किताबों में पढ़ा है सबने
पिता की खुशी में ही दिखते थे दुनिया बनाने वाले

मेरे ही आसपास हो सब कहते है
मुझे क्यूं नहीं दिखते ए छोड़ कर जाने वाले

योगी का योग हो गया रब से
अब बस गए कृष्ण लोक में
हमारी कहांनियां भी सुनाना उन्हें
उनकी हमे सुनाने वाले

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