जब लगेगा सब सीख चुके हो
तो वहम तुम्हारा कुचल देगी
ये ज़िदगी है साहब, फैसले बदल देगी
नर्म रखना इस थोड़ा तेवर अपना
वर्ना ये फिर कोई नई चाल चल देगी …..
असिता
ज़िंदगी में नयापन बौहोत ज़रूरी है
जिंन रास्तों पे चलकर सिर्फ तजुर्बे हासिल हुए,
ठीक है ,
मगर अब उन रास्तों से दूरी ज़रूरी है
थक गए हो तो थमकर सांस लेलो थोड़ा
पर चलते रहना बौहोत ज़रूरी है
के कल रात भी ये सर्द रात से,
फुटपाथ पर एक बच्चे की मौतं हो गई
तेरी खुशनसीबी का अहसास दिलाने को
ये खबर ज़रूरी है
पढते रहा कर खबरें
करते रहा कर खुद से गुफतगुं
मगरूरियत को नर्म करने के लिये
असिता
ये सिलसिला ज़रूरी है
Asita
हर एक शख्स क्यूँ लापता सा हो रहा है
न जाने किस तलाश में, ज़िन्दा लाश सा हो रहा है
बैठे सुकून के साये में, तो खुद सा मिल भी जाये,
मगर
बेचैन,बेसब्र, और ज़्यादा गुमशुदा लोगों का हो रहा है
असिता
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