The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

कृष्णा दरस की हूंक

अच्छा लगता है जान कर कि तू भूला नहीं मुझे
कभी कभी तो मैं भी याद कर लेता हूं तुझे
अक्सर राहें मोड़ कर बुलाता है जिद्द से
ये तेरी मेरी बात है समझाऊँ और किसे
मैं तो भूल जाता हूं ज़िंदगी की दौड़ धूप में
तू कहां व्यस्त है जो देर से बुलाता है मुझे
कुछ तो ख्याल कर मेरी भी व्यस्तता का
दिल खाली रखा है अब और क्या न्योता दूं तुझे
इस मन की क्या औकात की भूले तुझे
तूही है कम प्यार करता ये शिकायत लगाऊं किसे

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