
एक गजल के ख्याल गुम है
कोई तो मिलाओ उन्हें
वो खुद कितनो का ख्याल है
कोई तो बताओ उन्हे
तुम कौन हो?
तुम वो ही जिससे मैं बाते करता हूं, जब पास नहीं होते हो तब भी
तुम वो हो जिसे मैं सुना करता हूं, जब कुछ नहीं कहते हो तो भी
तुम वो हो जिसे मैं निहारा करता हूं, जब नहीं दिखते हो तो भी
तुम वो हो जिससे मैं मान जाता हूं, जब नहीं मनाते हो तो भी
तुम वो हो जिसके मैं साथ रहता हूं, जब साथ नहीं होते ही तो भी
तुम वो हो जिसे मैंने जाने दिया है, जब तुम आए नहीं तो भी
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