The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

झूठ

वो बड़ी संजीदगी से गिना रहा था अपनी मजबूरियां
मुझे भी शौंक था झूठ को संजीदगी से सुनने का

यकीन करो आपके हर झूठ को सच मानता हूं
ऐसे थोड़ी ही हर बात पर हां निकलती है

बस यही बात समझा रहा था तुझे
वो तेरा शक्स कभी मेरा अक्स था
बस बता रहा था तुझे

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