1 –
कल साकी से मुलाकाल हुई
एक पुराने जाम की बात हुई
मुस्कुराए तुम्हे फिर याद करके
कल एक अधूरी सी फिर बात हुई
2 –
ए गलती, आ अब दुबारा हो
क्या करना है सुधार कर,जब तुम इतनी खूबसूरत हो
कुछ पल ही सही, कुछ लम्हे ही सही
बैठे है निगाह गाड़ कर, आ अब दुबारा हो
बिन किनारा ही सही, आग का ही सही
ए दरिया, आ अब दुबारा हो
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