The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

Random lines 2

चुप चुप सी रहती हो तुम
लगता है खुद से भी कुछ नही कहती हो तुम
या तुम संतुष्ट हो सबसे, या हो गई हो निरुत्तर खुद से
खोई खोई सी रहती हो तुम
लगता है नही हो खुद में, या ढूंढ रही हो खुद को बाकी सब में
गुम गुम सी रहती हो तुम


भीड़ से भागता हूं, तन्हाई से डरता हूं
अपनी बाते अब खुद से भी नही करता हूं
मुझे खबर नहीं तेरे आने की अभी तलक
मैं तेरे जाने के ख्याल से डरता हूं


गुमसुम सा मैं
भीड़ के एक कोने में
बिना चाबी के खिलौने सा
गुमसुम सा खड़ा मैं

ख्यालों से भरा हुआ
मुह सिला हुआ
चुपचाप खड़ा मैं

जवाबो को ढूंढता
स्वालो को घूरता
बेआवाज खड़ा मैं


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