The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

शराब कहते हैं इसे

वो मंद मंद सुगंध सी
वो गूढ आनंद सी
वो सोने के रंग सी
वो एक नई उमंग सी
वो एक अंगडाई सी
वो नीम की कड़वाई सी
वो मिश्री के तंज सी
वो आवले के व्यंज सी
शराब कहते हैं इसे
लाजवाब कहते हैं इसे

वो टेडी सी मुस्कान सी
वो शांत खुराफात सी
वो मिलने की आस सी
वो दूरियों के पास सी
वो दुःख की मिठास सी
वो कड़वे की प्यास सी
शराब कहते हैं इसे
लाजवाब कहते हैं इसे

वो बीमार को दवा दे
वो दावा को बीमार दे
वो उड़ने के ख्वाब दे
वो पंख लाजवाब दे
वो अंग्रेजी सुधार दे
वो गाड़ी भाई के पास दे
वो नटखट तरंग सी
दे चाल देवानंद सी
शराब कहते हैं इसे
लाजवाब कहते हैं इसे

सुख की तलाश वो
गम का गिलास वो
जगजीत सिंह की गजल वो
अनूप जलोटा का भजन वो
दोस्तों का प्यार वो
हर महफ़िल की यार वो
शराब कहते हैं इसे
लाजवाब कहते हैं इसे

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