The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

हुंकार

उठा अस्त्र और दिखा शस्त्र
तू कृष्ण का है सुदर्शन चक्र
निर्भय होकर चला वज्र
तू सनातन है अजर अमर
ब्रह्म ने तुझे बनाया है
विष्णु ने तुझे खिलाया
अब शिव की बारी है, तांडव की तैयारी है
तेरी शक्ति है बजरंग बली
उनके आगे रावण की न चली
ये कीड़े मकोड़े करते हुंकार
तू क्रोधित हो दे टंकार
ये सब बिलों में घुस जाएंगे
खंड खंड हो जायेंगे
बात नहीं अब रण होगा
दुश्मन का अब रुदन होगा

तेरा संसार में वंदन होगा
तुझे बन अर्जुन करनी तैयारी है
विजय प्रभु की जिम्मेदारी है
धरती पाताल सब झूमेंगे
लावों के फूल अब फूटेंगे
नक्षत्र शत्रु के रूठेंगे
विजय पथ तेरे पग चूमेंगे
पंचजन्य शंख तेरी है हुंकार
तू अजर अमर सनातन निर्विकार
तू अजर अमर सनातन निर्विकार।।

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