
आज एक गधा मुझे घूर रहा था
मानो वो पूछ रहा था,
कि हम में से बड़ा कौन?
मैने सोचा आज खुराफात की जाए
आज एक गधे से बात की जाए
मैने पूछा – कितना बोझा उठाते हो, थक नहीं जाते हो?
गधा बोला –.मैं तो शाम हल्का हो जाता हूं, तुम कब उतार पाते हो, क्या सो पाते हो?
मैं तो हर रोज फ्रेश होकर आता हूँ और नया बोझ उठाता हूं
तुम दबे पुराने बोझ से, नए को भी चढ़ाते हो
मानो या मानो ज्यादा बोझा तुम ही उठाते हो
अब बताओ,ज्यादा बड़ा कौन?
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