
जानता हूँ कि भूल गए हो मुझे
कभी तो मेरा नाम याद आता होगा
बेखौफ घूमते हो दुनिया तुम अब
गुजरते मेरी गली से पांव तो थर्राता होगा
सुनते हो अब तुम अजीम शख्सियतों को
कोई गजल का शेर तो कभी मुझ सा छू जाता होगा
छोड़ दी है जगह तुम्हे देने के लिए
ये खाली स्थल भी तो मेरी याद दिलाता होगा
बुरा ही सही, तजुर्बा रहा हूं मैं
कभी तो किसी काम आता होगा

जानता हूँ कि भूल गए हो मुझे
कभी तो मेरा नाम याद आता होग
बेखौफ घूमते हो तुम दुनिया भर
गुजरते मेरी गली से पांव तो थर्राता होगा
सुनते हो अब तुम अजीम शख्सियतों को
कोई गजल का शेर तो कभी मुझ सा छू जाता होगा
छोड़ दी है जगह तुम्हे देने के लिए
ये खाली स्थल भी तो मेरी याद दिलाता होगा
बुरा ही सही, तजुर्बा रहा हूं मैं
कभी तो किसी काम आता होगा
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