The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

दांत दर्द और डॉक्टर

चार दांतो पर चौंतीस चक्कर मैंने अब तक लगाए
फोर्सेप एक्सप्लोरर लेकर वो दांतो मे घुस जाए
सच में मिलने आता रहूंगा दांत चाहे ठीक हो जाए
हे देवी, थोड़ी सी कृपा करदो हम भी खाना चबा पाएं|

उसने चेहरा दूर से देखा तो उसे प्यार हो गया
तुम अंदर झांकती हो तुम्हारा क्या होगा|

मेरे दर्द को मुस्कुरा कर दूर कर सकते थे वो
मगर दांत को उखाड़ना उन्हें आसान लगा
मैं समझता था उन्हे मेरे दर्द से हमदर्दी है
उन्हे तो नोटों के आने का आगाज लगा|

वो एनेस्थीसिया जो दिया था तुमने दांतो मे
अब दिल में उतर गया है
तुम्हे देखता हूं तो सुन्न सा लगता है
ये प्यार नहीं तो क्या है|

ऐसी भी क्या जिद्द मिलने की
दर्द दिया और बुला लिया
एक मिटाया दो और दिए
तुम्ही बताओ दवा दी या मर्ज दिया|

चलो चलता हूं, आता रहूंगा
चार निकले अठाईस बचे, उन्हे भी आपसे निकलवाता रहूंगा|

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