Author: SharadPrinja.com
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Ukrain Russia war
My views on Ukrain Russia war and reaction of rest of the world My views on Ukrain Russia war and reaction of rest of the world — — — — खोखलापन फिर नजर आया उस पहलवान कादेख दंगल परिचय दिया फिर से कायरता काना हो सका उससे फैसला डूबते दोस्त की जान का कुछ अमीरों…
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क्यूं टकरा जाते हो
क्यूं टकरा जाते हो तुम रास्ते में बार बारमान तो लिया कि तुम्हे जानता नहींऐसे भी क्या टेडी नजरो से देखना मुझेपूछता हूं तो कहते हो पहचानते नहीं
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छूटी हुई ज़िंदगी
थोड़ी इधर थोड़ी उधर छोड़ता रहा गुजरती हुई जिंदगीइसी उम्मीद में कि जीयेंगे एकदिन फिर कभी पीछे मुड़ना तो अब असंभव सा हो गयाखुद को फिर से जीना एक सपना सा हो गया पहले छोड़ते थे, अब छूट जाता हैआता हुआ हर पल रेत सा फिसल जाता है जो जिया बस उसकी अब यादें साथ…
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Career – moving to New job
आसमान बदल लिया मैनेऔर ऊंची उड़ान भरने कोपंख नए कर लिए मैनेतारों को छूना है एकदिन यकीननइसलिए, बादलों में घर कर लिया मैने नए बादल, नए पंछी और ये सर्द हवानीले घोड़ों पर सफर करने का मन कर लिया मैनेपुराने बादल ने सिखाया ऊंचा उड़ना इतनाएक छलांग में नया आसमान अपना कर लिया मैने hindipoetry…
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कुछ शेर
पूछते हो बुलबुलों का पता हवा सेवो बता भी दे तो कहां पहचान पाओगे एक वहम और टूटातेरा जाना अच्छा तो नही लगापर एक झूठा और छूटा तुम इधर हो उधर हो या कहां हो बता तो दोतुम हवा हो आग हो या धुआं हो समझा तो दो अब तो ऐसी आदत पड़ गई है…
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तुम्हे रुकना ग्वारा नही था
तुम्हे रोकने की कोशिश तो की थीतुम्हे रुकना ग्वारा नही थातुम्हारे साथ था तो सब अच्छा थामैं भी तब तक आवारा नहीं थाकवर चेहरे पर क्या चढ़ाया था तुमनेक्या वो चेहरा भी तुम्हारा नहीं थामज़ाक तो ऐसे ही करते थे तुमहमारे जज्बात ने भी कुछ बिगाड़ा नहीं थाखेल लो सब तुम्हारे लिए ही आए हैहमारे…
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ऐ जिंदगी – आजा बात करते है
ऐ जिंदगी, चाय पर मिलेगी आज? आजा बैठ कुछ बात करते है अरसा हुआ तुझसे मिले हुए, आजा आज मिलते है, कुछ तेरी कुछ मेरी बात करते है तुझे देखता हूँ तेज भागते हुए, कहाँ जाती हो? चलती रहती हो हमेशा, थक नहीं जाती हो अगर थक जाओ कभी तो आना मेरे पास, बहुत वक़्त…
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Salute to CDS Bipin Rawat and 12 bravehearts
क्या लिखूं उस गाथा को जो तुम अपने खून से कह गएबड़े खुशनसीब निकले 12 जो वर्दी में अलविदा कह गए आंखे नम है देश की तुम्हारे बलिदान परतड़पी तो वो धरती भी होगी जहां उड़न खटोले ढह गए तुम्हे लेने तो आसमान को भी नीचे आना पड़ाकाल के चक्र पर तुम नई कहानी कह…
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जुल्म ए जालिम
बहुत खुश हूं तेरे आगोश में ए जालिम, तेरा ये जुल्म इतना लुभाता क्यूं है हिम्मत है तो उतार खंजर सीने में, ये धीरे धीरे चुबाता क्यूं है रोक देता है सांसे तेरा बार बार भड़कना, फिर तू हर बार मुस्कुराता क्यूं हैलगाई है आग तो जलने दे घर सबके, तू बार बार बरसात कराता…
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किसके लिए?
जानता था गलती कर रहा हूंना करता तो ना करता किसके लिए?कुछ तो मकसद तेरे आने का भी होगाहमे तो बताओ आए थे जिसके लिएवो ना आए खिड़की पर एक बार भीथकती रही साइकिल हमारी जिसके लिएढूंढ लेते थे उत्तर का रास्ता दक्षिण से भीउड़ाते रहे कागच के रॉकेट जिसके लिएलानत दे रहा था वो…