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धुंधला सा हुआ मैं
मकड़ियों के जाल मेंअपने ही ख्याल मेंउलझे हुए सवाल मेंवक्त की रफ्तार मेंखोता हुआ सा मैं आकांक्षाओं के दवाब मेंऔर दिखने की चाह मेंमुखोटो के बाजार मेंउपस्थिति के अभाव मेंधुंधला हुआ सा मैं वक्त को ढूंढतारेत को दबोचताखुद को नकारताशीशे को निहारताविलुप्त हुआ सा मैं
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आज खुद से बात करले
आज करने दे बात खुद देआज खुद को मनाने देआज खुद से मिल लेने दे आराम सेआज खुद पर मुस्कुराने देआज न छोड़ खुद को अकेलाआज खुद के साथ वक्त बिताने दे
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Random
आज फिर खुद की याद आईआज फिर ढूंढ ना पायाआज फिर पायी भीड़ खुद मेंआज फिर अकेला था साया बस इश्क इतना सा होने से रह गयामैं उसकी आंखो में गुम होने से रह गयाबार बार मिल जाता था वो नसीब की तरहबस हाथ की लकीर्रो में लिखने से रहा गयाबड़ी मासूमियत से उसने राह…
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घर
मैं रहा बड़ी इमारत में होटल पांच सितारा मेंहसीन चेहरे मुस्कुराते चारो ओर थेशराब व्यंजन परोसते लोग थेबिस्तर मुलायम थावातानुकूलित कमरा रहने लायक थासत्कार में कमी न थी पर नींद पास खड़ी न थीकरवटे बदलते रहेधड़ियां गिनते रहेआराम तो दिखता था पर सुकून नहीं मिलता थावो तो मां के साथ में थापत्नी की बात में…
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मैं हिंदू हूं
मैं हिंदू हूं मैं धरा हूं ज्ञान की, विज्ञान की, ध्यान कीमैं इतिहास हूं संसार का, उपज का, विनाश का मैं जनक हूं गणित का, धर्म का, कर्म का मैं ज्ञाता हूं, भूत का, वर्तमान और भविष्य कामैं बीज हूं बुद्ध का, नानक का, महावीर का मैं गुरु हूं हर संत, साधु और फकीर का…
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राम
राम…. राम को कह पाऊं इतनी मेरी बिसात कहांबाल्मिकी तुलसी भी बस कुछ ही कह पाए और किसी में वो बात कहां! राम सूर्य है राम चांद हैराम दिन है राम रात हैराम कण है राम मन हैराम पल है राम छन्न है! राम आदि है राम अनादि हैराम अंत है राम अनंत हैराम बूंद…
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शब्द
कब्र से ज्यादा छाती खुदी थी हमारीउसके शब्द कुदाल से तेज लगते थे
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तुमको देखता रहा
तुमको देखता रहा और ये सोचता रहाक्या तुमने भी मुझे देखा था?या मेरा वो एक भलेखा था? तुम भी तो मुस्कुराई थीमुझे लगा शरमाई भी थी तुम भी तो सब जानती थी मुझे पहचानती थी एक अलग सा आनंद थादूर से देखने मे अपने ही दिल मे छुप करखूब सपने बुनने में बात कभी करी…
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शराब कहते हैं इसे
वो मंद मंद सुगंध सीवो गूढ आनंद सीवो सोने के रंग सीवो एक नई उमंग सीवो एक अंगडाई सीवो नीम की कड़वाई सीवो मिश्री के तंज सीवो आवले के व्यंज सीशराब कहते हैं इसेलाजवाब कहते हैं इसे वो टेडी सी मुस्कान सीवो शांत खुराफात सीवो मिलने की आस सीवो दूरियों के पास सीवो दुःख की…
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60ml
Few lines on whiskeyहम भी समझते थे नासमझ खुद को60ml ने समझदार बना दियाबहुत अकेले पाते थे हर वक्त खुद को90ml ने सबको यार बना दियाइंट्रोवर्ट रहे हमेशा लोगो में120ml ने बातो का सरताज बना दियागमगीन जिंदगी जी रहा था अरसे से150ml ने गम भुला दिया