The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

Jaun Elia और मैं

यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का 

वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे

और मैं –

ये भी सच सच बात बताओ उसकी मदहोश सांसों का
वो जो उसमे महकते होंगे, क्या होश में आ पाते होंगे?

ये भी तो बतलाओ अंधेरे में लिपटी रातों का
क्या जुगनू चांद सितारे सब उजाले करने आते होंगे?

मधुकर तुम भी हाल बताओ, उनकी मीठी बातों का
वो जो उनसे बोलते होंगे,क्या तुमसे मीठा शहद पाते होंगे?

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