The NavRas of Life

Deeper you go, Lighter you feel!

My Blog

कुछ अनकही कुछ सुनी सुनाई !

तेरे मेरे ख्याल में सिर्फ फर्क इतना है तेरे मेरे ख्याल में सिर्फ फर्क इतना है मुझे तेरा ख्याल है और तुझे भी तेरा ख्याल है

शौंक और जरूरते

बिफर जाती है जरूरतें जब शौंक से मिलता हूं, रूठ जाते है शौंक जब जरूरतें पूरी करता हूँ ।

Random

सिल दिये थे होठ जिसके अपनो ने मिलकर सभी गुमसुम सा वो शख्स सुना है खिलखिलाता था कभी

छलावे

मन एकाकी करता छलावेचाहे सब कुछ, कुछ न पावेअनजान पथ कैसे पथिक पहचानेमन में मंजिल, कैसे समझावेमृगतृष्णा सी भूख सजन कीपास नहीं फिर भी दिख जावेमन एकाकी करता छलावे

मिज़ाज

यूं तो ख्यालों में भी पक्का हूँ मिजाज कापर जब याद आती हो बहक जाता हूंयूं तो चांदी छलकती है अब बालों मेंजब याद आती हो तो लड़कपन में चला जाता हूं अक्सर याद आती है अधूरी वो बातें तुम जब मिलती हो तो बस कह नहीं पाता हूं

दांत दर्द और डॉक्टर

चार दांतो पर चौंतीस चक्कर मैंने अब तक लगाएफोर्सेप एक्सप्लोरर लेकर वो दांतो मे घुस जाएसच में मिलने आता रहूंगा दांत चाहे ठीक हो जाएहे देवी, थोड़ी सी कृपा करदो हम भी खाना चबा पाएं| उसने चेहरा दूर से देखा तो उसे प्यार हो गयातुम अंदर झांकती हो तुम्हारा क्या होगा| मेरे दर्द को मुस्कुरा…

कांच

बिखरा न कर रोज कच्चे कांच की तरहकटते है मेरे हाथ समेटते हुए

Random

कल साकी से मुलाकाल हुईएक पुराने जाम की बात हुईमुस्कुराए तुम्हे फिर याद करकेकल एक अधूरी सी फिर बात हुई आज फिर तुमसे बात करेंगेछोटी सी मुलाकात करेंगेऐसा नहीं कि तुमसे उम्मीदें है बहुतआज तोड़ने की शुरुआत करेंगे

तजुर्बा

जानता हूँ कि भूल गए हो मुझेकभी तो मेरा नाम याद आता होगा बेखौफ घूमते हो दुनिया तुम अबगुजरते मेरी गली से पांव तो थर्राता होगा सुनते हो अब तुम अजीम शख्सियतों कोकोई गजल का शेर तो कभी मुझ सा छू जाता होगा छोड़ दी है जगह तुम्हे देने के लिएये खाली स्थल भी तो…

उम्मीदें

आज फिर तुमसे बात करेंगेछोटी सी मुलाकात करेंगेऐसा नहीं कि तुमसे उम्मीदें है बहुतआज तोड़ने की शुरुआत करेंगे

Something went wrong. Please refresh the page and/or try again.

The Nav Ras – 9 Emotions of Life


Follow My Blog

Get new content delivered directly to your inbox.