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गजल तुम पर
ये जो पूरा का पूरा अधूरा छोड़ रहे होअनबने रिश्ते तोड रहे होनफरत घोसलो के तिनकों से है गरतो सिर्फ तिनका निकालो, घोसला क्यों तोड रहे हो जो मिला ही नहीं वो छोड़ दियाअंगूर खट्टे है आखिर बोल ही दियाहर बात में नुक्स देखने का हुनरक्या तुमने भी आइना तोड़ दिया खामोशी से देखता हूं…
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एहसास और अल्फाज
बहुत समझाया था एहसासो को,मत मिलो अल्फाजों से बिगड़ जाओगे जब तक तन्हा हो महफूज हो तुमअल्फाज बन गए तो रोड पर आ जाओगे मेरे निजी हो तो चहकते रहते हो ख्यालों में सारा दिनमहफिल ए आम हो गए तो ये प्यार कहां पाओगे कोई तोड़ेगा, मुंह मोड़ेगा, हसेगा तुम परएक वाह के लिए बार…
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Khwaab
ऐ ख्वाब कभी दिन मे भी आया करोआंखे भी तो जाने की तु दिखता क्या है निकलते नही जागकर देखे सपनेआंसु पूछते है आंखो मे रड़कता क्या हैं तेरी पलको की झलक जब याद आती हैंमेरी पलको मे फडकता क्या हैं मेरे ख्वाब कभी उनकी नींद मे भी हो आया करवो भी तो जाने हमारा रिश्ता…
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मास्क मुखौटा
हमारी तो मास्क पहन कर ही सांस रुक गईलोग कैसे जीते है ताउम्र मुखौटा पहन कर
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बन्दर बाँट
दो बंदर बनके सिकंदर, अखंड के 2 खंड करवाएदोनो बने मुखिया खंडो के, 1947 को जीत कहायेभेड़ चाल जनता में ऐसी, जनेऊ पगड़ी टोपी भिड़ जाए धर्म के नाम पर देश बांटा, फिर सेकुलरिज्म के गाने गाये जिन्नहरू मैंने नहीं बोलै, फिर भी समझना है जो समझ जाए जनता रानी बड़ी सयानी ,आँख बंद कर…
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सरफरोशी की तमन्ना
What a beautiful poem written by Legend Ram Prasad Bismil ! A founding member of Hindustan Republic Association (HRA) and close associate of Legend Bhagat Singh सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है ऐ शहिद-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत मैं तेरे ऊपर निसार ले तिरी हिम्मत का चर्चा साहिर ए महफिल…
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रावण की अभिलाषा

उछलता कूदता खिलखिलाता रावन लंका आया आँखों में ख़ुशी के आंसू, चेहरा खिलता जाया सब दरबारी हैरान होकर देखे दानव के ओर रावण हॅसे और मुस्कुराये होवे भाव विभोर रावण आया सीता स्वंयवर से लेकर खाली हाथ खुश इतना क्यों है ये भयंकर जाने न कोई बात रावण तो एक स्त्री का स्वामी, वो तो…
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जन्मदिन का तोहफा
न तुम कुछ खरीदो, न मैं कुछ खरीदूं आँखों में शर्म, जुबान पर मिठास, दिल में वफ़ा दे सको तो दो, यही तोहफा है
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दिवाली की सफाई
दिवाली की सफाई इस बार मैंने दिल से शुरू की कुछ पुरानी यादे, जो सिर्फ पड़ी थी एक कोने में एक पुराने कीमती शो पीस की तरहबाहर फेंकने की उसको, इस बार हिम्मत की कड़वे अनुभवों के लटकते मकडी जाले जो हर ख्याल को छू जाते थे, हटा दिए मैंने ये मुश्किल हिमाकत की अपेक्षाओं…
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नवरात्रे प्रार्थना
महिषासुर मर्दिनी, सिंह वाहिनी, अष्टभुजा धारणी, शिव स्वामिनी, दिव्यता करनी, वैभव भरनी, सिद्धि दाती, मनवाँछित वरदाती, भक्त वात्सली, शक्ति महारानी हे माँ आपका स्वागत है हे माँ आओ, ज्ञान शक्ति भक्ति वैभव दे जाओ.. आपसे पाने की आदत है एक विशेष प्रार्थना ये भी मानो – नेता लिप्त भर्ष्टाचार में, सड़को पर बच्चे भीख मांगे…