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ऐ जिंदगी – आजा बात करते है
ऐ जिंदगी, चाय पर मिलेगी आज? आजा बैठ कुछ बात करते है अरसा हुआ तुझसे मिले हुए, आजा आज मिलते है, कुछ तेरी कुछ मेरी बात करते है तुझे देखता हूँ तेज भागते हुए, कहाँ जाती हो? चलती रहती हो हमेशा, थक नहीं जाती हो अगर थक जाओ कभी तो आना मेरे पास, बहुत वक़्त…
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Salute to CDS Bipin Rawat and 12 bravehearts
क्या लिखूं उस गाथा को जो तुम अपने खून से कह गएबड़े खुशनसीब निकले 12 जो वर्दी में अलविदा कह गए आंखे नम है देश की तुम्हारे बलिदान परतड़पी तो वो धरती भी होगी जहां उड़न खटोले ढह गए तुम्हे लेने तो आसमान को भी नीचे आना पड़ाकाल के चक्र पर तुम नई कहानी कह…
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जुल्म ए जालिम
बहुत खुश हूं तेरे आगोश में ए जालिम, तेरा ये जुल्म इतना लुभाता क्यूं है हिम्मत है तो उतार खंजर सीने में, ये धीरे धीरे चुबाता क्यूं है रोक देता है सांसे तेरा बार बार भड़कना, फिर तू हर बार मुस्कुराता क्यूं हैलगाई है आग तो जलने दे घर सबके, तू बार बार बरसात कराता…
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किसके लिए?
जानता था गलती कर रहा हूंना करता तो ना करता किसके लिए?कुछ तो मकसद तेरे आने का भी होगाहमे तो बताओ आए थे जिसके लिएवो ना आए खिड़की पर एक बार भीथकती रही साइकिल हमारी जिसके लिएढूंढ लेते थे उत्तर का रास्ता दक्षिण से भीउड़ाते रहे कागच के रॉकेट जिसके लिएलानत दे रहा था वो…
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दूरियां
मैं भी रोया था उनसे मिलकर बहुतवो मिल रहे थे बिछड़ने के लिऐन ढूंढने की कसम देकरवो जा रहे थे जिंदगी भर के लिऐवो खत भी जलवा गए थे जाते जातेजिसमे वादे किए थे उम्र भर के लिऐ वो तेरा, वो मेरा, वो हमारा अब सब किसका है?वो सब संजोया था किसके लिएवक्त की आग…
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कुछ कुछ अधूरा
प्यार तुमने भी किया मैंने भी लियाइज़हार तुमने भी किया मैंने भी कियादुनिया को बताने की हिम्मत न मैंने की न तुमने कीअधूरा रहने का फ़ैसला मैंने भी किया तुमने भी किया कुछ कुछ अधूरा रह जाए तो अच्छा हैसबकुछ न कह पाये तो अच्छा हैकम दिखते है हंजू जब मैं चलता हूंसबको सबकुछ न…
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आज कल
तुमको तो पता है राते कैसे गुजर रही है आज कलखुली आंखों में नींद बसर रही है आज कल जानते हो तो बोलते क्यूं नहींअब और किससे झूठी तारीफ सुन रहे हो आज कल देखना सुनना मुस्कुराना सब बीत गयाकिसके फरेब में फस रहे हो आज कल पास से निकल गए नजर चुरा करलगता है…
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इंतजार
सही वक्त के इंतजार में उम्र गुजार दीलोगो ने बुरे वक्त में भी त्योहार सजा लिय तुम ख्वाहिश करते रहे सच होने कीहमने झूठ को ही सच का फरमान मान लिया नींद आंखों मे रही, ज़हन में न पहुंचीहमने करवट को ही नींद का एहसान मान लिया खरखराहट सूखे पत्तों के हिलने की हुईखामोशी को…
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करवाचौथ
ए चांद निकल आना आज सुबह सुबह हीक्यों इतने चांदो को है प्यासा रखता क्यों डर नहीं तुझे इन प्यासी आहो कानिकल जल्दी तुझे चांदनी का वास्ता पानी की बूंद भी आज कमाल करती हैवो पी ले तो हम निकले, ना पिए तो उम्रदराज करती है तेरा वादा जान बचाने का सच्चा नही रहाकितने वर्त…
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गिला शिकवा शायरी
तुम्हे शिकवा मेरी मौजूदगी से हैये लो हम गुमशुदा हो गएमुस्कुराओ तुम अकेले हो अबऐसे क्यों गमज़दा हो गए —— ****** ——- कैसी तबियत है गुलिस्तां के फूल की, कांटे पत्तियां झाड़ कर जो मुस्कराना चाहता थामिट्टी से दूर होकर साफ रहने की हवस, अकेला ही टहनी पर खिलखिलाना चाहता थामाली ने तोड़ कर रौंदा…